भजन संहिता ६५:७
तू जो समुद्र का महाशब्द, उसकी तरंगों का महाशब्द , और देश-देश के लोगों का कोलाहल शान्त करता है ; (मत्ती 8:26, यशा. 17:12,13)भजन संहिता ६५:७ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Psalms 65:7
- You still the roaring of the seas, the roaring of their waves, and the turmoil of the nations.
- ગુજરાતી — ગીતશાસ્ત્ર ૬૫:૭
- તે સમુદ્રની ગર્જના, તેઓનાં મોજાંના ઘુઘવાટ શાંત કરે છે અને લોકોનો ગભરાટ પણ શાંત પાડે છે.
संदर्भ में
५हे हमारे उद्धारकर्ता परमेश्वर, हे पृथ्वी के सब दूर-दूर देशों के और दूर के समुद्र पर के रहनेवालों के आधार, तू धार्मिकता से किए हुए अद्भुत कार्यों द्वारा हमें उत्तर देगा;
६तू जो पराक्रम का फेंटा कसे हुए, अपनी सामर्थ्य के पर्वतों को स्थिर करता है;
७तू जो समुद्र का महाशब्द, उसकी तरंगों का महाशब्द , और देश-देश के लोगों का कोलाहल शान्त करता है ; (मत्ती 8:26, यशा. 17:12,13)
८इसलिए दूर-दूर देशों के रहनेवाले तेरे चिन्ह देखकर डर गए हैं; तू उदयाचल और अस्ताचल दोनों से जयजयकार कराता है।
९तू भूमि की सुधि लेकर उसको सींचता है, तू उसको बहुत फलदायक करता है; परमेश्वर की नदी जल से भरी रहती है; तू पृथ्वी को तैयार करके मनुष्यों के लिये अन्न को तैयार करता है।
