भजन संहिता ६५:८
इसलिए दूर-दूर देशों के रहनेवाले तेरे चिन्ह देखकर डर गए हैं; तू उदयाचल और अस्ताचल दोनों से जयजयकार कराता है।भजन संहिता ६५:८ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Psalms 65:8
- They also who dwell in faraway places are afraid at your wonders. You call the morning’s dawn and the evening with songs of joy.
- ગુજરાતી — ગીતશાસ્ત્ર ૬૫:૮
- પૃથ્વીની સરહદના રહેનારાઓ પણ તમારાં અદ્દભુત કાર્યોથી બીએ છે; તમે પૂર્વ તથા પશ્ચિમ દિશાના લોકોને પણ આનંદમય કરો છો.
संदर्भ में
६तू जो पराक्रम का फेंटा कसे हुए, अपनी सामर्थ्य के पर्वतों को स्थिर करता है;
७तू जो समुद्र का महाशब्द, उसकी तरंगों का महाशब्द , और देश-देश के लोगों का कोलाहल शान्त करता है ; (मत्ती 8:26, यशा. 17:12,13)
८इसलिए दूर-दूर देशों के रहनेवाले तेरे चिन्ह देखकर डर गए हैं; तू उदयाचल और अस्ताचल दोनों से जयजयकार कराता है।
९तू भूमि की सुधि लेकर उसको सींचता है, तू उसको बहुत फलदायक करता है; परमेश्वर की नदी जल से भरी रहती है; तू पृथ्वी को तैयार करके मनुष्यों के लिये अन्न को तैयार करता है।
१०तू रेघारियों को भली भाँति सींचता है, और उनके बीच की मिट्टी को बैठाता है, तू भूमि को मेंह से नरम करता है, और उसकी उपज पर आशीष देता है।
